रायपुर में आदि बाज़ार 2026 आज से जनजातीय शिल्पकारों की धूम

रायपुर में आज से दस दिवसीय आदि बाज़ार 2026 का शुभारंभ हो रहा है। जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन ट्राइफेड की ओर से यह आयोजन घड़ी चौक के पास स्थित कलेक्ट्रेट परिसर के टाउन हॉल में 2 नवंबर तक चलेगा। इसमें देशभर के जनजातीय कारीगर अपने पारंपरिक शिल्प और उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे।
इस प्रदर्शनी का उद्देश्य जनजातीय कला, संस्कृति और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना है। कारीगरों को अपने उत्पादों की सीधी बिक्री के लिए बेहतर मंच मिलेगा, जिससे उनकी आय बढ़ने की उम्मीद है। हस्तशिल्प, बुनाई, चित्रकला और अन्य पारंपरिक कलाओं के स्टॉल यहां लगाए जाएंगे।
आयोजकों के अनुसार जनजातीय समुदायों की समृद्ध शिल्प परंपरा को शहरी बाजारों से जोड़ना इस आयोजन का मुख्य लक्ष्य है। आम लोग यहां से मूल और प्रमाणित आदिवासी उत्पाद खरीद सकेंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए जनजातीय संगीत और नृत्य की झलक भी प्रस्तुत की जाएगी।
जनजातीय कारीगरों का कहना है कि ऐसे मेलों से उनकी कला को सही पहचान और उचित दाम दोनों मिलते हैं। ट्राइफेड की पहल से आदिवासी उत्पादों को अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी बेचा जा रहा है। दस दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में बड़ी संख्या में खरीदारों के आने की उम्मीद है।
तस्वीर: Wikimedia Commons (CC BY 4.0)
