जम्मू-कश्मीर के नशामुक्ति केंद्रों में दवाओं का खेल उजागर

जम्मू। जम्मू-कश्मीर में नशामुक्ति केंद्रों की जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच में डॉक्टरों की अनुपस्थिति, नियमों के उल्लंघन और नशे के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की बिक्री में गड़बड़ियां पाई गई हैं।
जांच के दौरान पता चला कि महज पांच दिनों में 38,580 गोलियों की बिक्री की गई, जिससे इन केंद्रों के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नशामुक्ति केंद्रों में तैनात डॉक्टरों की योग्यता और पंजीकरण को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि नशामुक्ति केंद्रों का उद्देश्य नशे के आदी लोगों का इलाज और पुनर्वास है, लेकिन अगर वहीं दवाओं का दुरुपयोग हो रहा है तो यह पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। प्रशासन से इन केंद्रों की नियमित निगरानी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है।
तस्वीर: Wikimedia Commons ()
