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राजनाथ सिंह बोले, जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र की प्रगति से पाकिस्तान दुखी है।

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Published on: 23-09-2024

 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 18 सितंबर को जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के पहले चरण में बड़ी संख्या में मतदान करने के लिए लोगों की सराहना की और कहा कि अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को हटाए जाने के बाद केंद्र शासित प्रदेश में लोकतंत्र को फलते-फूलते देखकर पाकिस्तान के पेट में दर्द हो रहा है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सिंह ने नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी), कांग्रेस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) पर अपने घोषणापत्रों में संविधान के अनुच्छेद 370 की बहाली की बात करके लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा कि इन दलों को “पाकिस्तान के छद्म” के रूप में काम करना बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा, “विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 61 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ, जो 30 वर्षों में सबसे अधिक है और लोकसभा चुनाव में हुए 58 प्रतिशत के रिकॉर्ड मतदान को भी पीछे छोड़ दिया। दुनिया में यह संदेश गया है कि अनुच्छेद 370 भारत की भलाई के लिए हटाया गया।”
यहां भाजपा उम्मीदवार चौधरी अब्दुल गनी के समर्थन में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, “लोगों ने लोकतंत्र का झंडा इतना ऊंचा कर दिया है कि पाकिस्तान के पेट में दर्द हो रहा है। हम पाकिस्तान के साथ दुश्मनी नहीं चाहते हैं, क्योंकि हम अपने सभी पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं। पाकिस्तान अपनी घरेलू समस्याओं से अपने लोगों का ध्यान हटाने के लिए भारत के खिलाफ नापाक हरकतें करता रहता है।”

 

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान का हवाला देते हुए सिंह ने कहा कि पड़ोसी देश को जम्मू-कश्मीर के आंतरिक मामलों में दखल देने का अधिकार किसने दिया है। आसिफ ने कहा था कि अनुच्छेद 370 की बहाली पर उनका देश और एनसी-कांग्रेस गठबंधन एकमत हैं। सिंह ने कहा, “मैं एनसी, कांग्रेस और पीडीपी के अपने दोस्तों से पूछना चाहता हूं कि क्या आप पाकिस्तान के प्रतिनिधि के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं?”
रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के लोग परेशान हैं और भारत में शामिल होना चाहते हैं। सिंह ने कहा, “वे (पीओके के लोग) जम्मू-कश्मीर में बदलाव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की प्रगति देख रहे हैं। वे अपनी समृद्धि के लिए भारत में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं और वे अब उनके (पाकिस्तान) साथ नहीं रहना चाहते हैं।”
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत ने कभी भी धर्म के आधार पर लोगों के बीच भेदभाव नहीं किया है और पीओके के निवासियों के साथ अपने लोगों जैसा व्यवहार किया है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बयान “हम दोस्त बदल सकते हैं, पड़ोसी नहीं” का हवाला देते हुए सिंह ने कहा कि अगर पाकिस्तान सही रास्ते पर चले तो भारत अपने पड़ोसी के साथ अच्छे संबंध रखने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “हमें वाजपेयी के शब्दों को नहीं भूलना चाहिए।”
सिंह ने कहा, “एनसी, कांग्रेस और पीडीपी नेता अनुच्छेद 370 को लेकर बहुत शोर मचा रहे हैं और इसे बहाल करने का वादा किया है। आप इसे कैसे बहाल करेंगे, क्योंकि ऐसा करने का अधिकार केवल केंद्र सरकार के पास है?” 5 अगस्त, 2019 को, भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को रद्द कर दिया और तत्कालीन राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया। पिछले 35 वर्षों में जम्मू-कश्मीर में हुई मौतों और विनाश के लिए अनुच्छेद 370 को जिम्मेदार ठहराते हुए सिंह ने कहा कि आतंकवाद के कारण जान गंवाने वालों में 80 प्रतिशत मुसलमान थे।
उन्होंने कहा, “अगर एनसी-कांग्रेस गठबंधन सत्ता में आता है, तो लोग (आतंकवाद के कारण) अपनी जान गंवाना शुरू कर देंगे। अनुच्छेद 370 की वजह से ही जम्मू-कश्मीर पिछड़ गया।” वरिष्ठ नेता ने कहा कि अगर भाजपा यहां सत्ता में आती है, तो वह सुनिश्चित करेगी कि जम्मू-कश्मीर 10 साल में देश का सबसे विकसित क्षेत्र बन जाए। उन्होंने उपस्थित लोगों से पूछा, “वह समय चला गया जब श्रीनगर के मुख्य केंद्र लाल चौक पर तिरंगा नहीं होता था। क्या अब किसी के पास इतनी शक्ति है कि वह किसी को वहां राष्ट्रीय ध्वज फहराने से रोक सके?”

 

सिंह ने एनसी, कांग्रेस और पीडीपी पर लोगों को धर्म के आधार पर बांटने का आरोप लगाया और कहा कि ”भारत की धरती पर जन्मा हर व्यक्ति, चाहे उसका धर्म कुछ भी हो, भारतीय नागरिक है।” उन्होंने कहा कि भाजपा ही एकमात्र राजनीतिक दल है जो जम्मू-कश्मीर के गौरव को बहाल कर सकता है। उन्होंने कहा, ”आजादी के बाद धरती का स्वर्ग कहलाने वाला जम्मू-कश्मीर अतीत के भंवर में खो गया। हमें इसे इस भंवर से निकालकर आगे ले जाना है। पहले के शासकों ने इसे पिछड़ा बनाए रखा और विभाजनकारी राजनीति की।”
कश्मीर की संस्कृति की तारीफ करते हुए सिंह ने कहा, “आपने आतंकवादी गतिविधियों में कमी देखी है। जम्मू-कश्मीर अब आतंकवाद के लिए नहीं बल्कि देश की पर्यटन राजधानी के रूप में जाना जाता है।” स्थानीय राजनीतिक नेताओं पर क्षेत्र को नष्ट करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, “मोदी की राजनीति उन्हें जम्मू-कश्मीर को और नष्ट नहीं करने देगी। मोदी के दिल में जम्मू-कश्मीर के लिए विशेष स्थान है।” सिंह ने कहा कि पुराने राजनीतिक वंश केवल सत्ता हथियाने पर केंद्रित हैं जबकि भाजपा वाजपेयी के शब्दों “इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत” को लागू कर रही है।

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