कर्नाटक के ‘आशा किरन’ अभियान की डब्ल्यूएचओ ने सराहना

बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार की ‘आशा किरन’ पहल को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सराहा है। विश्व दृष्टि दिवस के अवसर पर वनसाइट एसिलर लक्ज़ोटिका फाउंडेशन, कर्नाटक सरकार और डब्ल्यूएचओ ने संयुक्त रूप से ‘एडवांसिंग इंटीग्रेटेड, पीपुल-सेंटर्ड आई-केयर’ शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि आशा किरन को राज्य की प्राथमिक स्वास्थ्य प्रणाली में विशेष सेवा के रूप में जोड़ा गया है।
रिपोर्ट के अनुसार 2022 से अब तक आठ जिलों में किए गए चरणबद्ध अध्ययनों में 14 मिलियन से अधिक प्राथमिक आंख जांचें हुईं। इस दौरान 4.5 लाख से अधिक मुफ्त चश्मे बांटे गए और 2.5 लाख से अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन किए गए। सबसे अहम बात यह है कि 393 दृष्टि केंद्रों को राज्य स्वास्थ्य प्रणाली के स्थायी हिस्से के रूप में संस्थागत बना दिया गया है। ये केंद्र समुदाय आधारित एकीकृत नेत्र स्वास्थ्य सेवाएं समानता और टिकाऊपन पर ध्यान देते हुए देंगे।
रिपोर्ट का विमोचन कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यू टी खादर फरीद ने किया। इस अवसर पर वनसाइट फाउंडेशन के अध्यक्ष वेणु अंबाती और डब्ल्यूएचओ इंडिया के राष्ट्रीय पेशेवर अधिकारी डॉ बी मोहम्मद अशील भी मौजूद थे। हर दृष्टि केंद्र को माध्यमिक शल्य चिकित्सा केंद्र से जोड़ा गया है ताकि मोतियाबिंद या जटिल नेत्र रोगों का आगे का इलाज आसानी से मिल सके।
तस्वीर: https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Eye_examination_at_the_School_Travelling_Ophthalmic_Clinic_(16875570969).jpg (No restrictions)
