यूरोप में भीषण गर्मी से 50 हजार मौतें, जलवायु परिवर्तन जिम्मेदार

यूरोप में इस साल भीषण गर्मी से करीब 50 हजार लोगों की मौत हो गई है। एक अध्ययन के अनुसार, इन मौतों में दो-तिहाई के पीछे जलवायु परिवर्तन का असर है। बढ़ते तापमान ने यूरोप के बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा कर दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी की लहरें अब यूरोप के लिए नई सामान्य स्थिति बनती जा रही हैं। शहरों में कंक्रीट के जंगल तापमान को और बढ़ा देते हैं, जिससे रात में भी राहत नहीं मिलती। अस्पतालों में गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगर ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन पर जल्द नियंत्रण नहीं पाया गया, तो आने वाले वर्षों में ऐसी गर्मी की लहरें और भी घातक होंगी। यूरोपीय देशों को अब शहरी नियोजन, हरियाली और स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े बदलाव करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में हजारों जानें बचाई जा सकें।
तस्वीर: https://commons.wikimedia.org/wiki/File%3AWestern_Australia_Sizzles_Under_Summer_Heat_%28MODIS_2025-12-28%29.jpg (Public domain)
