Latest News
‘यह नए नेतृत्व की तलाश करने का समय है’: ट्रम्प ने ‘बीमार’ खमेनेई के शासन को समाप्त करने का आह्वान किया – क्या राष्ट्रपति ईरान के खिलाफ नए सिरे से धमकियां दे रहे हैं?ट्रम्पियाना: पेटुलेंट पुरस्कार सेनानी के लिए कोई विराम नहीं‘पहले कभी नहीं देखा’: सऊदी गुफाओं में चीता की ममियाँ मिलीं – प्राकृतिक रूप से ममीकृत बड़ी बिल्लियों के लिए पहली बारएक अलग रोहित शर्मा: क्यों भारत के सलामी बल्लेबाज अब अधिक सावधानी से बल्लेबाजी कर रहे हैं | क्रिकेट समाचार‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस कलेक्शन दिन 43: रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना की फिल्म ने दुनिया भर में 1275 करोड़ रुपये कमाए |‘बंगाल टीएमसी से तंग आ चुका है’: महा जीत के बाद पीएम मोदी ने ममता पर निशाना साधा; मालदा रैली कल इंडिया न्यूजबजट 2026: लंबे समय से लंबित और लंबे समय तक चलने वाले कर मुकदमे से निपटने की तत्काल आवश्यकतावेनेजुएला से ईरान तक: कैसे अमेरिका की मिसाइल हमले से ठोस रॉकेट मोटर आपूर्ति संकट पैदा हो रहा है – समझाया गया‘मानो यह जंतर-मंतर हो!’ ED के आरोप से SC ‘परेशान’; एजेंसी का कहना है कि टीएमसी ने इंडिया न्यूज पर I-PAC की छापेमारी से पहले लोगों को HC आने के लिए कहा था‘खराब योजना’: निखिल कामथ ने बीएमसी चुनावों के दौरान शेयर बाजार बंद होने पर सवाल उठाए; झंडे ‘सराहना की गंभीर कमी’

स्वास्थ्य कर्मियों को समान ग्रेड पे देने का हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला,न्यायाधीश ने कहा-सरकार नहीं कर सकती भेदभाव!

Published on: 10-10-2023

*शमसुलहक खान की रिपोर्ट*

*स्वास्थ्य कर्मियों को समान ग्रेड पे देने का हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला,न्यायाधीश ने कहा-सरकार नहीं कर सकती भेदभाव!*

समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय भी की बार विसंगति दूर करने की कर चुके थे मांग

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य कर्मियों को 2800 रुपये का समान ग्रेड पे देने का आदेश दिया गया है। न्यायालय ने कहा कि सरकार तैनाती तिथि के आधार पर वेतन में विभेद नहीं कर सकती है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश में कार्यरत सविता देवी व बिन्दुबाला समेत 9 अन्य स्वास्थ्य कर्मियो के वेतन विसंगति मामले में अहम फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति अजीत कुमार की एकल पीठ ने बस्ती जिले की सविता देवी व बिन्दुबाला त्रिपाठी सहित नौ अन्य की याचिका पर याची के अधिवक्ता के.एल.तिवारी को सुनकर कहा कि राज्य सरकार तैनाती तिथि के आधार पर समान स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन में विभेद नहीं कर सकती है। राज्य सरकार याचिका दायर करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को 2,800 रुपये का समान ग्रेड पे प्रदान करे। कोर्ट ने यह आदेश सविता देवी व बिन्दुबाला त्रिपाठी समेत 9 अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की याचिका मंजूर करते हुए दिया।

ग्रेड पे के निर्धारण में अंतर
याचियों के अधिवक्ता कन्हैयालाल तिवारी का कहना था कि एक दिसंबर 2011 के पहले और इसके बाद नियुक्त स्वास्थ्य कर्मियों को 5200-20,200 रुपये का वेतनमान समान दिया जा रहा है। सिर्फ उनके ग्रेड पे के निर्धारण में अंतर किया गया है। याचियों को 2,000 रुपये का ग्रेड पे दिया जा रहा है। जबकि एक दिसंबर 2011 तक के बाद नियुक्त स्वास्थ्य कर्मियों को 2,800 रुपये का ग्रेड पे दिया जा रहा है। ऐसे में उनकी नियुक्ति की तिथि के आधार पर किया जा रहा यह अंतर संविधान के समानता के अधिकार के तहत अनुचित है। लिहाजा याचिकाकर्ता भी 2,800 रुपये का ग्रेड पे पाने के हकदार हैं।

कोर्ट ने पूछा सरकारी वकील से सवाल, नहीं मिला जवाब
वहीं, सरकारी वकील ने कहा कि ग्रेड पे में यह अंतर 19 दिसंबर 2011 के शासनादेश के तहत है। जब कोर्ट ने यह अंतर करने का कारण पूछा तो सरकारी वकील ने कहा कि शासनादेश में इसका कोई कारण नहीं दिया गया है।
कोर्ट में चार माह में भुगतान का दिया आदेश
कोर्ट ने कमल दीप निराला केस मे हुए आदेश का हवाला देते हुए कहा कि शासनादेश, समानता के प्रावधान का उल्लंघन करता है। सरकार समान रूप से कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन भुगतान मामले में महज उनकी तैनाती की तिथियों के आधार पर विभेद नहीं कर सकती है। इस विधिक व्यवस्था के साथ कोर्ट ने याचियों को भी उनकी नियुक्ति की तिथि से , उनके समान कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों को दिए जा रहे 2,800 रुपये का ग्रेड पे प्रदान करने का आदेश दिया। साथ ही याचियों को चार माह में एरियर का भुगतान करने का भी आदेश दिया।
ज्ञात हो कि समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय सुदामा ने समान पद समान कार्य में वेतन विभेद दूर करने की मांग कई बार शासन को पत्र लिखकर कर चुके थे किन्तु विसंगति दूर करना दूर विभाग पत्राचार का जबाव देने से भी कतराता रहा।

Publice Voice News Network – Premium Description (Hindi)
Publice Voice News Network एक सशक्त, विश्वसनीय और स्वतंत्र मीडिया प्लेटफ़ॉर्म है, जो जनता की आवाज़ को राष्ट्रीय स्तर पर पहुँचाने के लिए समर्पित है। हम मानते हैं कि सच्ची पत्रकारिता का उद्देश्य सत्ता नहीं, सत्य की सेवा है — और इसी सिद्धांत पर हमारा पूरा नेटवर्क कार्य करता है।
Publice Voice News Network उन मुद्दों को उजागर करता है जो समाज, लोकतंत्र और मानवाधिकारों से जुड़े हैं, जिन्हें आमतौर पर मुख्यधारा मीडिया नजरअंदाज कर देता है। हम हर खबर को तथ्यों, प्रमाणों और निष्पक्ष दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करते हैं— बिना दबाव, बिना डर और बिना समझौते के।

राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से उभरता हुआ विश्वसनीय न्यूज़ नेटवर्क