छत्तीसगढ़ का सिरपुर यूनेस्को की संभावित धरोहर सूची में शामिल

छत्तीसगढ़ का प्राचीन पुरातात्विक स्थल सिरपुर यूनेस्को की संभावित (टेंटेटिव) विश्व धरोहर सूची में शामिल हो गया है। महानदी के किनारे बसा यह स्थल अपनी ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत के लिए जाना जाता है।
सिरपुर का इतिहास पांचवीं से बारहवीं शताब्दी ईस्वी के बीच का बताया जाता है। यहां के प्राचीन मंदिरों, विहारों और अवशेषों से उस दौर की कला, धर्म और समाज की झलक मिलती है। यह स्थल हिंदू, बौद्ध और जैन धरोहरों का संगम माना जाता है।
संभावित सूची में शामिल होना विश्व धरोहर दर्जे की दिशा में पहला कदम होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सिरपुर को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी और संरक्षण व पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। राज्य में इस उपलब्धि को लेकर खुशी का माहौल है।
तस्वीर: Wikimedia Commons (Public domain)
