प्रधानमंत्री ने सुभाषितम साझा कर राम को धर्म स्वरूप बताया

विजयादशमी के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया, जिसमें भगवान राम को धर्म का साक्षात स्वरूप बताया गया है। प्रधानमंत्री के अनुसार राम का जीवन सत्य, मर्यादा और कर्तव्य का प्रतीक है, जो हर युग में समाज को सही दिशा दिखाता है। उनके इस संदेश को बड़ी संख्या में लोगों ने साझा किया।
प्रधानमंत्री ने देशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे राम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारें और समाज में सद्भाव बनाए रखें। त्योहार का यह संदेश राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने वाला है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री अक्सर प्रमुख पर्वों पर संस्कृत सुभाषितम साझा कर भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को रेखांकित करते हैं। राम को धर्म का मूर्त रूप बताने वाला यह सुभाषितम विजयादशमी के आध्यात्मिक महत्व को और गहरा करता है। देशभर में पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है।
