ऐतिहासिक खेल मैदानों के संरक्षण पर बढ़ा ध्यान

कोलकाता। देश के ऐतिहासिक खेल मैदानों के संरक्षण को लेकर खेल प्रेमियों और विशेषज्ञों ने आवाज़ तेज़ कर दी है। ईडन गार्डन्स जैसे मैदान केवल खेल के केंद्र नहीं हैं, बल्कि देश की खेल विरासत का प्रतीक भी हैं। खेल इतिहासकारों के अनुसार इन मैदानों से कई यादगार मुकाबलों की कहानियाँ जुड़ी हैं, जिन्हें सहेजना आवश्यक है। प्रबंधन समितियों की ओर से मैदानों के रखरखाव और दर्शक सुविधाओं के आधुनिकीकरण का काम समय-समय पर किया जाता रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि संरक्षण के साथ-साथ युवाओं को इन मैदानों के इतिहास से परिचित कराना भी ज़रूरी है, ताकि नई पीढ़ी खेल संस्कृति से जुड़ सके। कई पूर्व खिलाड़ी भी इस अभियान से जुड़े हैं। उनका कहना है कि मैदानों की मूल पहचान बनाए रखते हुए आधुनिक सुविधाएँ देना संतुलित रास्ता है। आने वाले समय में खेल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी ऐसे मैदान महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
