राज्य में जल संरक्षण अभियान को मिली गति

राज्य में पानी की बचत को लेकर जल संरक्षण अभियान को गति मिली है। गांवों और कस्बों में तालाबों के जीर्णोद्धार का कार्य चल रहा है ताकि वर्षा जल का संचय किया जा सके। सरकारी भवनों और विद्यालयों में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था की जा रही है। किसानों को ड्रिप सिंचाई अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे खेती में पानी की खपत घटेगी और पैदावार भी बेहतर होगी। अभियान के तहत जागरूकता रैलियों और बैठकों के माध्यम से लोगों को पानी की महत्ता समझाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जनभागीदारी से ही जल संरक्षण के लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। स्थानीय निकायों को जलाशयों की सफ़ाई और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हर नागरिक पानी की बचत को आदत बना ले, तो आने वाले वर्षों में जल संकट से निपटना आसान होगा। अभियान को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।
