स्वच्छता अभियान से शहरों की तस्वीर बदल रही

नई दिल्ली। देशभर के शहरों में स्वच्छता को लेकर चल रहे प्रयासों का असर अब ज़मीन पर दिखने लगा है। कई शहरों में कचरे का अलग-अलग संग्रह शुरू हो गया है, गीले और सूखे कचरे को अलग रखने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है और पुराने कचरा डंप स्थलों को हटाकर वहां हरियाली विकसित की जा रही है। नगर निकायों के अधिकारियों का कहना है कि अब कचरा प्रबंधन केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे खाद और ऊर्जा भी तैयार की जा रही है। कई शहरों में कचरे से खाद बनाने के संयंत्र चल रहे हैं, जिनका लाभ किसानों को मिल रहा है। स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर स्थान पाने के लिए शहरों के बीच होड़ भी बढ़ी है। नागरिकों की भागीदारी को अभियान की सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है। मोहल्ला समितियां, स्कूल और स्वयंसेवी संगठन सफाई अभियानों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वच्छता बनाए रखना एक दिन का काम नहीं है, इसके लिए व्यवहार में स्थायी बदलाव ज़रूरी है। खुले में कचरा फेंकने पर जुर्माने के साथ-साथ जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। अधिकारियों का लक्ष्य है कि आने वाले समय में हर शहर कचरा मुक्त बने और नागरिकों को साफ-सुथरा वातावरण मिले।
