सुप्रीम कोर्ट ने एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग पर जताई नाराजगी

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एससी-एसटी अधिनियम के दुरुपयोग पर सख्त टिप्पणी की है। शीर्ष अदालत ने कहा कि कर्ज वसूली जैसे सामान्य विवादों को जातिगत भेदभाव का रंग नहीं दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने इस मामले में भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द कर दी है।
पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों की रक्षा करना है, लेकिन इसका इस्तेमाल निजी या व्यावसायिक विवादों में हथियार के तौर पर नहीं किया जाना चाहिए। कोर्ट के अनुसार, जब विवाद का मूल कारण जातिगत भेदभाव न होकर आर्थिक लेनदेन हो, तो ऐसे में यह अधिनियम लागू नहीं होना चाहिए।
इस फैसले को कानूनी विशेषज्ञ महत्वपूर्ण मान रहे हैं, क्योंकि इससे स्पष्ट संदेश गया है कि अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण कानून का दुरुपयोग करने वालों पर न्यायपालिका कड़ी नजर रखेगी। साथ ही कोर्ट ने यह भी दोहराया कि असली पीड़ितों को न्याय मिलना सर्वोपरि है।
तस्वीर: https://commons.wikimedia.org/wiki/File%3ASupreme_Court_of_India%2C_inside_buildings_02.jpg (CC BY-SA 4.0)
