सिंटा चुनाव पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने मांगा स्पष्टीकरण, अवमानना कार्यवाही

सिने एंड टेलीविजन आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (सिंटा) के 20 अक्टूबर को हुए चुनाव को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने एसोसिएशन से स्पष्टीकरण मांगा है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (फ्वाइस) की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने 22 अक्टूबर को सिंटा को कारण बताओ नोटिस जारी किया और चुनाव के नतीजे को लागू करने पर रोक लगा दी।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि सिंटा ने अदालत के 11 सितंबर और 19 अक्टूबर के निर्देशों का पालन नहीं किया। इन निर्देशों के तहत संबंधित पक्षों को ट्रायल कोर्ट में लंबित नोटिस ऑफ मोशन के दौरान अदालत के निर्देशों को प्रभावित करने वाले कदम उठाने से बचना था, लेकिन एसोसिएशन ने चुनाव कराकर नतीजे घोषित कर दिए।
न्यायमूर्ति आरती साठे ने कहा कि रिकॉर्ड पर रखी गई सामग्री से प्रथम दृष्टया जानबूझकर अवज्ञा और दिए गए वचन के उल्लंघन का मामला बनता है। अदालत ने अवमानना न्यायालय अधिनियम 1971 के तहत कार्यवाही क्यों शुरू न की जाए, इस पर सिंटा से जवाब मांगा है। यह मामला फिल्म उद्योग के कलाकारों के संगठन के भीतर चल रहे विवाद से जुड़ा है और इसकी अगली सुनवाई पर सभी की नजर रहेगी।
तस्वीर: https://commons.wikimedia.org/wiki/File%3ABell_and_Howell_35mm_wind_up_film_camera._1940%27s..jpg (CC BY-SA 4.0)
