शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर हमला, विरोध के अधिकार पर गंभीर सवाल

दिल्ली में सीजेपी के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर हुए हमले को लेकर मानवाधिकार संगठनों में चिंता है। एक विशेष पड़ताल के अनुसार हिंदू रक्षा दल ने सीजेपी को सबक सिखाने के लिए करीब 150 लोग भेजे थे, जिनमें से 35 प्रदर्शन में घुसे और लोगों के साथ मारपीट की। एक हमलावर के बारे में यह भी कहा गया कि पुलिस उसके साथ खुश रहती है। शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने विशेषज्ञों का मानना है कि लोकतंत्र में असहमति का सम्मान और शांतिपूर्ण विरोध की सुरक्षा ही मजबूत व्यवस्था की पहचान होती है। घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है।वालों पर हमला संविधान से मिले विरोध और अभिव्यक्ति के अधिकार पर सीधा प्रहार माना जा रहा है। अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि हमलावरों पर सख्त कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है, ताकि कोई भी नागरिक बिना डर अपनी आवाज उठा सके।
