विजयादशमी पर मोहन भागवत बोले सत्ता परिवर्तन से सतर्क रहें

विजयादशमी के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने अपने संबोधन में देश और दुनिया की ताजा परिस्थितियों पर खुलकर राय रखी। उन्होंने कहा कि केवल सत्ता बदल जाने से किसी देश की परिस्थितियां नहीं बदलतीं, ऐसा इतिहास में कभी नहीं हुआ, इसलिए समाज को सतर्क और जागरूक रहने की जरूरत है। अपने भाषण में उन्होंने भारत में हुए विरोध प्रदर्शनों, फ्रांस की घटनाओं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते असर और युवा पीढ़ी के आंदोलनों जैसे विषयों का जिक्र किया। भागवत के संबोधन को राजनीतिक हलकों में अहम माना जा रहा है, क्योंकि संघ के स्थापना दिवस और विजयादशमी का यह कार्यक्रम हर साल नीतिगत संकेतों के लिए देखा जाता है। प्रधानमंत्री ने भी संघ स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं दी हैं। विश्लेषकों का कहना है कि भागवत ने अपने संदेश में सामाजिक स्थिरता और सतर्कता पर जोर दिया है, जिस पर आने वाले दिनों में सियासी बहस तेज हो सकती है।
