वन्यजीव बोर्ड बैठक में सीमावर्ती ढाँचे पर हुआ मंथन

राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की बैठक में शनिवार को कई अहम प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में औद्योगिक विकास, सीमावर्ती क्षेत्रों में सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे, सड़क सुविधा और गैर-वानिकी कार्यों के लिए वन भूमि के उपयोग से जुड़े मुद्दे उठे। साथ ही वन्यजीव संरक्षण से जुड़े प्रस्तावों पर भी गंभीरता से विचार किया गया। बैठक में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और पैदल सेना को जमीन हस्तांतरित करने के प्रस्ताव पर भी मंथन हुआ। यह मुद्दा इसलिए अहम है क्योंकि सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और संरक्षण के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी फैसले में वन्यजीवों के आवास और स्थानीय पारिस्थितिकी का ध्यान रखा जाएगा। बैठक में बंदरों की संख्या का व्यवस्थित आँकड़ा तैयार करने पर भी चर्चा हुई, ताकि मानव-वन्यजीव टकराव से जुड़ी नीतियाँ तथ्यों पर आधारित हों। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि सही आँकड़ों के बिना संरक्षण योजनाएँ अधूरी रहती हैं। बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि विकास कार्य और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि साथ-साथ चलने चाहिए। आने वाले दिनों में इन प्रस्तावों पर आगे की कार्रवाई होगी, जिस पर पर्यावरण प्रेमियों की नजर रहेगी।
तस्वीर: https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Indian%20rhinoceros%20in%20Kaziranga%20National%20Park%20March%202025%20by%20Tisha%20Mukherjee%2001.jpg (CC BY-SA 4.0)
