LIVE राष्ट्रीय संस्करण Sunday, 25 October 2026 ई-पेपर | publicvoicenewsnetwork.in

जनता की आवाज़ • सत्य की सेवा • बिना डर, बिना समझौते

ताज़ा खबर
सूरत में निर्मिति आर्ट एग्जिबिशन का अंतिम दिन, 38 कलाकार शामिल212 साल में पहली बार दिखे दुर्गा के स्वर्ण आभूषणनेहरू पार्क में आज शास्त्रीय संगीत संध्या, सितार वादन से शुरुआतलेखक गांव में आज से अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव, 60 देशों के प्रतिनिधिजेलर 2 ने शनिवार को कमाए 24 करोड़ रुपयेम्यूजिक प्रोजेक्ट में हिमेश का माइक बंद, फिर भी गाते रहेरामायण के गीत मंगल रंग में रहमान अरिजीत की जुगलबंदीधुरंधर का फ्रीडिश प्रीमियर आज शाम सात बजे, हर घर पहुंचेगासूरत में निर्मिति आर्ट एग्जिबिशन का अंतिम दिन, 38 कलाकार शामिल212 साल में पहली बार दिखे दुर्गा के स्वर्ण आभूषणनेहरू पार्क में आज शास्त्रीय संगीत संध्या, सितार वादन से शुरुआतलेखक गांव में आज से अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव, 60 देशों के प्रतिनिधिजेलर 2 ने शनिवार को कमाए 24 करोड़ रुपयेम्यूजिक प्रोजेक्ट में हिमेश का माइक बंद, फिर भी गाते रहेरामायण के गीत मंगल रंग में रहमान अरिजीत की जुगलबंदीधुरंधर का फ्रीडिश प्रीमियर आज शाम सात बजे, हर घर पहुंचेगा
स्थानीय खबरें

लखनऊ में पिंक पुलिस बूथ बनीं महिलाओं की सुरक्षा कवच

दिनांक: Friday, 23 October 2026 | समय: 11:47 AM | लेखक: | श्रेणी: स्थानीय खबरें

लखनऊ में महिलाओं की सुरक्षा के लिए लगाए गए पिंक पुलिस बूथ अब घरेलू हिंसा और छेड़छाड़ की शिकायतों का अहम केंद्र बनते जा रहे हैं। मिशन शक्ति के तहत हजरतगंज क्षेत्र में चल रहे इन बूथों पर महिला पुलिसकर्मी शराबी पतियों की मारपीट, घरेलू विवाद, अनचाहे फोन और संदेशों से लेकर देर रात सुरक्षित ठिकाने तक की मदद दे रही हैं।

हजरतगंज थाने की मिशन शक्ति प्रभारी उपनिरीक्षक शारदा सिंह ने बताया कि उनके क्षेत्र में चार पिंक बूथ भीड़भाड़ वाले संवेदनशील स्थानों पर संचालित हैं। रात में अकेली फंसी महिलाओं के लिए ये बूथ सुरक्षित आश्रय का काम करते हैं, जहां वे अपने परिजनों या सवारी का इंतजार कर सकती हैं। बूथों पर चौबीसों घंटे महिला पुलिस तैनात रहती है और हर शिफ्ट में दो महिला सिपाही ड्यूटी पर होती हैं।

सिंह के अनुसार अधिकतर शिकायतों में महिलाएं पहले पति को समझाने और चेतावनी दिलवाने की मांग करती हैं, सीधे मुकदमा दर्ज कराने के बजाय पुलिस की मध्यस्थता चाहती हैं। जिन मामलों में पीड़िता कानूनी कार्रवाई चाहती है, वहां तुरंत विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। दूसरे जिलों से राजधानी आईं महिलाएं भी रात में यहां रुककर खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं।

तस्वीर: Wikimedia Commons (CC BY-SA 3.0)

संबंधित ख़बरें