लंगर परंपरा में सेवा और समानता का संदेश

अमृतसर। गुरुद्वारों की लंगर परंपरा सेवा और समानता का सशक्त संदेश देती है। यहाँ हर दिन हज़ारों श्रद्धालु बिना किसी भेदभाव के एक साथ बैठकर भोजन करते हैं। सेवादार तन्मयता से भोजन तैयार करने, परोसने और बर्तन धोने जैसे कार्य करते हैं। धार्मिक गुरुओं के अनुसार लंगर की परंपरा समाज में बराबरी और भाईचारे की भावना को मज़बूत करती है। दुनिया के कई हिस्सों से आने वाले पर्यटक भी इस परंपरा से प्रभावित होते हैं और सेवा में भाग लेते हैं। आपदा के समय लंगर सेवा ज़रूरतमंदों तक भोजन पहुँचाने का माध्यम भी बनती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी परंपराएँ सामाजिक एकता को बढ़ावा देती हैं। युवा पीढ़ी भी सेवा कार्यों से जुड़ रही है। श्रद्धालुओं का कहना है कि लंगर में भोजन के साथ-साथ विनम्रता और समर्पण का पाठ भी मिलता है, जो जीवन के हर क्षेत्र में काम आता है।
