रूसी तेल पर भारत को राहत, अमेरिकी रुख पड़ा नरम

नई दिल्ली। रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर भारत के लिए राहत भरी खबरें सामने आई हैं। रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका ने टैरिफ छूट और साठ दिनों की खरीद खिड़की जैसे संकेत दिए हैं, जिस पर अमेरिकी विदेश मंत्री का बयान भी चर्चा में रहा। इस कदम से भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
भारत अपनी ऊर्जा जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है और रूसी तेल उसके लिए किफायती विकल्प बना रहा है। अमेरिकी दबाव के बीच भारत ने बार-बार कहा है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों और उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर ही ऊर्जा नीति तय करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि नरम अमेरिकी रुख से द्विपक्षीय व्यापार वार्ता को भी गति मिल सकती है। तेल कीमतों में स्थिरता से महंगाई पर अंकुश लगेगा और रिफाइनरी कंपनियों की लागत घटाने में भी मदद मिलेगी।
हालांकि अंतिम तस्वीर आधिकारिक घोषणाओं के बाद ही साफ होगी। भारत की नजर वैश्विक बाजार और कूटनीतिक समीकरणों पर बनी हुई है, ताकि ऊर्जा आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी रहे।
