भारत की डेंगू वैक्सीन अंतिम परीक्षण में, उम्मीद बढ़ी

डेंगू से बचाव के लिए भारत में विकसित की जा रही वैक्सीन अंतिम चरण के परीक्षण में पहुंच गई है, जिससे इस बीमारी से जूझ रहे करोड़ों लोगों के लिए नई उम्मीद जगी है। पैनेशिया बायोटेक की वैक्सीन डेंगीऑल का तीसरे चरण का परीक्षण चल रहा है, जिसमें देशभर से दस हजार से अधिक स्वयंसेवक शामिल हैं। यह परीक्षण भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद की देखरेख में हो रहा है।
डेंगू अब भारत में लगभग पूरे वर्ष फैलने वाली बीमारी बन गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया की लगभग आधी आबादी डेंगू के खतरे में है और हर वर्ष 10 से 40 करोड़ संक्रमण दर्ज होते हैं। भारत में 2021 से अब तक दस लाख से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि देश में डेंगू के चारों प्रकार एक साथ फैल रहे हैं, इसलिए एक प्रभावी वैक्सीन की जरूरत पहले से कहीं अधिक है।
कंपनी के वैज्ञानिकों का कहना है कि परीक्षण के नतीजे अनुकूल रहे तो यह वैक्सीन अगले वर्ष तक उपलब्ध हो सकती है। यह दुनिया की पहली एकल खुराक वाली डेंगू वैक्सीन में से एक हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि वैक्सीन के साथ-साथ मच्छर नियंत्रण, साफ पानी का प्रबंधन और समय पर जांच भी डेंगू से लड़ाई में उतनी ही जरूरी रहेगी।
तस्वीर: https://commons.wikimedia.org/wiki/File%3AAedes_aegypti.jpg (GFDL 1.2)
