प्रगति बैठक में 30 हजार करोड़ की छह परियोजनाओं की समीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रगति बैठक में 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली छह प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की। प्रगति यानी प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन के जरिये केंद्र और राज्य सरकारों की परियोजनाओं की प्रगति पर सीधी नजर रखी जाती है, ताकि अटकी हुई परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें।
इस बैठक में बुनियादी ढांचा, ऊर्जा और परिवहन से जुड़ी परियोजनाओं की स्थिति पर चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जमीन अधिग्रहण, पर्यावरण मंजूरी और अंतर-विभागीय समन्वय जैसी बाधाओं को जल्द दूर किया जाए। समय पर पूरी होने वाली परियोजनाओं से न केवल लागत बढ़ने से बचती है, बल्कि लोगों को भी जल्दी सुविधाएं मिलती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रगति बैठकें सरकार की जवाबदेही बढ़ाती हैं, क्योंकि परियोजनाओं की समीक्षा सीधे शीर्ष स्तर पर होती है। इससे राज्यों को भी केंद्र के साथ मिलकर काम करने का स्पष्ट रोडमैप मिलता है। आने वाले महीनों में इन परियोजनाओं के पूरा होने से रोजगार, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
तस्वीर: https://commons.wikimedia.org/wiki/File%3ABangalore_Electronic_City_Fly_Over%28Elevated_HighWay%29%28During_construction%29-0%E0%B5%A9.JPG (CC BY-SA 3.0)
