नीले ड्रम केस में मुस्कान-साहिल फाँसी के खिलाफ हाईकोर्ट पहुँचे

मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में फाँसी की सज़ा पाने वाली मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला ने अब इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है। दोनों ने मेरठ की ज़िला अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए संयुक्त अपील दाखिल की है और दोषसिद्धि तथा मौत की सज़ा के आदेश को रद्द करने की माँग की है। मेरठ की अदालत ने चौदह अक्टूबर को दोनों को सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में मौत की सज़ा सुनाई थी। अपील में कहा गया है कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा और पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित था। दोषियों की ओर से हथियार, सीमेंट और ड्रम की खरीद से जुड़े गवाहों के बयानों में विरोधाभास का भी दावा किया गया है। साथ ही बरामदगी से जुड़े दस्तावेज़ों में स्वतंत्र गवाहों के हस्ताक्षर न होने और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के लिए ज़रूरी प्रमाण पत्र न मिलने जैसे तकनीकी आधार भी उठाए गए हैं। मुस्कान ने अपनी पैरवी के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील शुक्ला को नियुक्त किया है। इस मामले में अगले हफ्ते हाईकोर्ट की खंडपीठ में सुनवाई होने की संभावना है।
तस्वीर: https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Allahabad%20high%20court.jpg (CC0)
