दुर्गा पूजा पंडालों में भक्ति और कला का दिखा अनोखा संगम

शारदीय नवरात्र के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में सजे दुर्गा पूजा पंडालों में इस वर्ष भी भक्ति के साथ कला और रचनात्मकता का अनोखा संगम देखने को मिला। कोलकाता सहित कई शहरों में थीम आधारित पंडालों, आकर्षक प्रकाश सज्जा और मां दुर्गा की भव्य प्रतिमाओं को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ती रही।
पूजा समितियों ने पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखते हुए मिट्टी की प्रतिमाओं, प्राकृतिक रंगों और सजावट में स्थानीय कारीगरों के काम को प्राथमिकता दी। पंडालों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, ढाक की थाप और पारंपरिक नृत्य-संगीत ने उत्सव का आनंद कई गुना बढ़ा दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर आयु वर्ग के लोग उत्सव में शामिल हुए।
दुर्गा पूजा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक मेलजोल और सांस्कृतिक पहचान का बड़ा पर्व है। प्रशासन ने भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा, यातायात और स्वच्छता के इंतजाम किए। विसर्जन के समय पर्यावरण नियमों का पालन करने की अपील भी पूजा समितियों और श्रद्धालुओं से की गई है।
