तिब्बती संसद ने चीन के लद्दाख दावों को बेबुनियाद बताया

लद्दाख को लेकर चीन के ताजा दावों पर अब निर्वासित तिब्बती संसद ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। तिब्बती संसद ने चीन के दावों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि इस तरह के कदम क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए ठीक नहीं हैं। धर्मशाला स्थित तिब्बती प्रशासन से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि लद्दाख का इतिहास, संस्कृति और भूगोल अपने आप में स्पष्ट है और किसी भी देश के एकतरफा दावे हकीकत को नहीं बदल सकते। गौरतलब है कि चीन ने हाल ही में लद्दाख की कई जगहों पर दावा जताते हुए बयान जारी किया था, जिसके बाद भारत में भी इस पर राजनीतिक और कूटनीतिक हलचल देखी गई। तिब्बती समुदाय लंबे समय से चीन की विस्तारवादी नीतियों पर सवाल उठाता रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि तिब्बती संसद की यह प्रतिक्रिया अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीन के दावों को चुनौती देने का संकेत है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी आग्रह किया है कि वह सीमा विवादों में एकतरफा कदमों का संज्ञान ले। फिलहाल यह मामला कूटनीतिक मोर्चे पर गर्म है और आगे भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।
