टीबी उन्मूलन के लिए युवाओं की जोश टीमें मैदान में

टीबी उन्मूलन अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए सरकार ने जोश यानी जॉइंट स्क्वॉड फॉर हेल्थ टीमों का गठन किया है। इस पहल की शुरुआत अक्टूबर 2026 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत की। पहले चरण में 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 55 जिलों में ये टीमें काम कर रही हैं।
हर जोश टीम में माय भारत स्वयंसेवक, राष्ट्रीय कैडेट कोर के कैडेट और एक नामित प्रथम श्रेणी अधिकारी शामिल हैं। इन टीमों का काम लोगों को टीबी के लक्षण, समय पर जांच, पूरा इलाज और भ्रांतियों से बचने के बारे में जागरूक करना है। अक्सर लोग जानकारी के अभाव, यात्रा की दिक्कत, खर्च की चिंता या सामाजिक कलंक के कारण जांच में देरी कर देते हैं, जिससे बीमारी बढ़ जाती है और संक्रमण भी फैलता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समुदाय की भागीदारी से ही टीबी उन्मूलन संभव है। युवा स्वयंसेवक मोहल्लों, स्कूलों और कॉलेजों में जाकर लोगों से सीधे संवाद कर सकते हैं और उन्हें जांच केंद्रों तक पहुंचा सकते हैं। जोश अभियान का उद्देश्य जागरूकता के साथ-साथ उपचार के प्रति भरोसा बढ़ाना और टीबी से जुड़े कलंक को खत्म करना है, ताकि कोई मरीज इलाज से वंचित न रहे।
तस्वीर: https://commons.wikimedia.org/wiki/File%3AThe_Vice_President%2C_Shri_M._Venkaiah_Naidu_presenting_the_awards_to_Asha_Worker_Community_Nurse%2C_at_the_15th_World_Rural_Health_Conference_with_the_theme_%E2%80%9CHealing_the_Heart_of_Healthcare_-_Leaving_no_one_behind%E2%80%9D%2C_in_New_Delhi.JPG (GODL-India)
