जेल से चल रहा था लॉरेंस गैंग का आपराधिक नेटवर्क

नई दिल्ली। लॉरेंस गैंग को लेकर सामने आई जांच रिपोर्टों में बड़ा दावा किया गया है कि इसका आपराधिक नेटवर्क जेल के अंदर से संचालित हो रहा था। रिपोर्टों के मुताबिक रंगदारी की वसूली से लेकर अपराधियों तक हथियार पहुंचाने का काम इसी नेटवर्क के जरिए किया जा रहा था। यह खुलासा जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
जेल के भीतर से बाहर के गुर्गों को निर्देश मिलने की बात सामने आने के बाद एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। माना जा रहा है कि संचार के गुप्त तरीकों से गैंग अपने सदस्यों से संपर्क बनाए रखता था और अपराध की साजिशें रची जाती थीं। जांच में इन संपर्क सूत्रों की पहचान करने की कोशिश हो रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि संगठित अपराध के ऐसे नेटवर्क को तोड़ने के लिए जेलों में निगरानी व्यवस्था मजबूत करना जरूरी है। मोबाइल और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी रोकना, साथ ही बाहर के मददगारों पर कार्रवाई करना इस लड़ाई का अहम हिस्सा है।
पुलिस और जेल प्रशासन अब इस पहलू की गहन जांच कर रहे हैं कि नियमों की अनदेखी कहां हुई। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां तथा खुलासे संभव हैं, जिससे गैंग के पूरे तंत्र पर शिकंजा कसा जा सके।
