ग्राहक डेटा लीक से निजता के अधिकार पर सवाल उठे

देश के सबसे बड़े सार्वजनिक बैंक के करीब 3,897 ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने की खबर के बाद डिजिटल निजता के अधिकार पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। ग्राहकों में अपनी जानकारी की सुरक्षा को लेकर चिंता है।
मानवाधिकार और डिजिटल अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि संस्थानों की ज़िम्मेदारी है कि वे नागरिकों के डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करें और लीक होने पर तुरंत जानकारी दें। बैंक ने घटना की जांच और ग्राहकों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं। विशेषज्ञ मज़बूत डेटा संरक्षण कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग कर रहे हैं।
गौरतलब है कि इस पूरे घटनाक्रम पर संबंधित विभागों और संगठनों की नज़र बनी हुई है। आगे की कार्रवाई और आधिकारिक जानकारी का इंतज़ार किया जा रहा है। पब्लिक वॉयस न्यूज़ नेटवर्क इस खबर के हर अपडेट पर नज़र रखेगा और नई जानकारी मिलते ही पाठकों तक पहुंचाएगा।
