ऑनलाइन ठगी के निशाने पर अब पेंशनभोगी बुजुर्ग, सतर्कता जरूरी

ऑनलाइन ठगी के गिरोह अब पेंशनभोगी बुजुर्गों को भी निशाना बना रहे हैं। ताजा चर्चाओं के अनुसार ठग बैंक, पेंशन विभाग या सरकारी अधिकारी बनकर फोन करते हैं और खाते या पेंशन से जुड़ी जानकारी अपडेट करने के बहाने गोपनीय विवरण हासिल करने की कोशिश करते हैं। कई मामलों में बुजुर्ग भरोसे में आकर ओटीपी या बैंक जानकारी साझा कर बैठते हैं, जिससे उनकी जीवन भर की जमा पूंजी पर खतरा बन जाता है। यह केवल आर्थिक अपराध नहीं है, बल्कि बुजुर्गों की सुरक्षा, गरिमा और मानसिक शांति से जुड़ा गंभीर मानवाधिकार प्रश्न भी है। परिवारों को चाहिए कि वे अपने बुजुर्ग सदस्यों को डिजिटल सतर्कता के बारे में सरल भाषा में समझाएं और किसी भी संदिग्ध कॉल पर तुरंत बात रोकने की आदत डालें। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कोई भी बैंक या सरकारी विभाग फोन पर ओटीपी, पिन या पासवर्ड नहीं मांगता, इसलिए ऐसी मांग होते ही कॉल काट देना चाहिए। ठगी की आशंका होने पर परिवार के किसी सदस्य को तुरंत बताना और संबंधित बैंक व पुलिस को सूचना देना जरूरी है। डिजिटल सुविधाएं बुजुर्गों के लिए सहूलियत हैं, लेकिन जागरूकता ही उन्हें ठगी से बचाने का सबसे मजबूत साधन है।
