एआई के दौर में छात्रों की गहन पढ़ाई पर चिंता बढ़ी

एक ताज़ा सर्वेक्षण में सामने आया है कि भारतीय छात्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता को समय बचाने का उपयोगी साधन मानते हैं, लेकिन इसके गहन अध्ययन पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंतित भी हैं। एचपी के इस सर्वे ने शिक्षा जगत में नई बहस छेड़ दी है।
शिक्षाविदों का कहना है कि एआई का सही उपयोग सीखने को आसान बना सकता है, बशर्ते छात्र स्वयं सोचने और विश्लेषण की आदत न छोड़ें। संस्थानों को ऐसी नीतियां बनानी होंगी, जिनसे तकनीक और पारंपरिक अध्ययन के बीच संतुलन बना रहे। छात्रों ने भी संतुलित उपयोग की बात स्वीकार की है।
फिलहाल स्थिति पर प्रशासन और संबंधित संस्थान लगातार नज़र बनाए हुए हैं। जनता से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। पब्लिक वॉयस न्यूज़ नेटवर्क इस मुद्दे की निरंतर कवरेज जारी रखेगा।
