आरामको पर मिसाइल हमले की रिपोर्ट, तेल कीमतों पर नजर

पश्चिम एशिया से आई एक रिपोर्ट ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल बढ़ा दी है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी आरामको को निशाना बनाकर मिसाइल हमला किया गया। कुछ रिपोर्टों में इन मिसाइलों को हूती विद्रोहियों से जोड़ा गया है और यह भी कहा गया है कि हूती हथियारों के पीछे बाहरी तकनीकी मदद हो सकती है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है, इसलिए घटनाक्रम को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ होने में समय लग सकता है। आरामको सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी है और दुनिया के कच्चे तेल उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी बेहद अहम है। ऐसे में इसके किसी भी ठिकाने पर हमले की खबर से तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि बाजार किसी भी आपूर्ति बाधा को लेकर संवेदनशील रहता है। अतीत में भी क्षेत्र के ऊर्जा ठिकानों पर हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हलचल देखी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हमले की पुष्टि होती है, तो इसका असर सिर्फ क्षेत्रीय सुरक्षा पर नहीं, बल्कि भारत समेत तेल आयातक देशों की कीमतों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल बाजार और निवेशक आधिकारिक बयानों का इंतजार कर रहे हैं।
