अस्पतालों को हर सेवा की कीमत बताना होगा अनिवार्य

नई दिल्ली। देश में स्वास्थ्य सेवाओं को पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि अस्पतालों में इलाज और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की फीस की सूची ऐसी जगह प्रदर्शित की जाए, जहां मरीज और उनके परिजन आसानी से देख सकें।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्या सलिला श्रीवास्तव ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर इस नियम का सख्ती से पालन कराने को कहा है। यह निर्देश क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट अधिनियम, 2010 के तहत दिया गया है, जिसके अनुसार अस्पतालों को अपनी सेवाओं की दरों की जानकारी अंग्रेजी और स्थानीय भाषा में प्रदर्शित करनी होती है।
इस पहल का उद्देश्य मरीजों को इलाज के खर्च की जानकारी पहले से देना है, ताकि भर्ती के बाद बिल को लेकर विवाद न हो। कानून में यह भी व्यवस्था है कि केंद्र सरकार राज्यों से विचार-विमर्श कर विभिन्न चिकित्सा सेवाओं की दरों की सीमा तय कर सकती है, जिससे इलाज की लागत में पारदर्शिता आएगी।
तस्वीर: Wikimedia Commons ()
